Chapter 8 Verse 20

ParH, tasmaat, tu, bhaavH, anyaH, avyaktH, avyaktaat, sanaatanH,
YaH, saH, sarveshu, bhooteshu, nashyatsu, na, vinashyati ||20||

Translation: (Tu) but (tasmaat) that (avyaktaat) unmanifested i.e. hidden ParBrahm (parH) beyond (anyaH) other (yaH) the (sanaatanH) eternal (avyaktH) unmanifested i.e. hidden (bhaavH) form (saH) that Supreme divine God (sarveshu) all (bhooteshu) living beings (nashyatsu) even after the destruction (na, vinashyati) does not get destroyed.

Translation

But the other eternal unmanifested i.e. invisible form which is present beyond that unmanifested i.e. invisible ParBrahm, that Supreme divine God even after the destruction of all the living beings does not get destroyed. (20)


परः, तस्मात्, तु, भावः, अन्यः, अव्यक्तः,, अव्यक्तात्, सनातनः।
यः सः, सर्वेषु, भूतेषु, नश्यत्सु, न, विनश्यति।।20।।

अनुवाद: (तु) परंतु (तस्मात्) उस (अव्यक्तात्) अव्यक्त अर्थात् गुप्त परब्रह्म से भी अति (परः) परे (अन्यः) दूसरा (यः) जो (सनातनः) आदि (अव्यक्तः) अव्यक्त अर्थात् परोक्ष (भावः) भाव है (सः) वह परम दिव्य पुरुष (सर्वेषु) सब (भूतेषु) प्राणियों के (नश्यत्सु) नष्ट होने पर भी (न, विनश्यति) नष्ट नहीं होता। (20)

केवल हिन्दी अनुवाद: परंतु उस अव्यक्त अर्थात् गुप्त परब्रह्म से भी अति परे दूसरा जो आदि अव्यक्त अर्थात् परोक्ष भाव है वह परम दिव्य पुरुष सब प्राणियों के नष्ट होने पर भी नष्ट नहीं होता। (20)

Bhagavad Gita Chapter 8 Verse 20