Chapter 7 Verse 12

Ye, ch, ev, saatvikaH, bhavaH, rajsaH, tamsaH, ch, ye,
MattH, ev, iti, taan’, viddhi, na, tu, aham’, teshu, te, mayi ||12||

Translation: (Ch) and (ev) also (ye) that (satvikaH) preservation from Satvgun Vishnu Ji (bhavaH) characteristic and (ye) that (rajsaH) production from Rajogun Brahma Ji (ch) and (tamsaH) destruction from Tamogun Shiv Ji (taan’) all those (mattH, ev) happening from me alone in a well-planned manner and according to the rules (iti) thus (viddhi) consider (tu) but, in reality (teshu) in them (aham’) I and (te) they (mayi) in me (na) are not. (12)

Translation

And also the characteristics of preservation from Satvgun Vishnu Ji and that of creation from Rajogun Brahma Ji and destruction from Tamogun Shiv Ji, consider all of them to be happening from me alone in a well-planned manner and according to the rules, but, in reality, neither am I in them, nor are they in me.


ये, च, एव, सात्त्विकाः, भावाः, राजसाः, तामसाः, च, ये,
मत्तः, एव, इति, तान्, विद्धि, न, तु, अहम्, तेषु, ते, मयि।।12।।

अनुवाद: (च) और (एव) भी (ये) जो (सात्त्विकाः) सत्वगुण विष्णु जी से स्थिति (भावाः) भाव हैं और (ये) जो (राजसाः) रजोगुण ब्रह्मा जी से उत्पत्ति (च) तथा (तामसाः) तमोगुण शिव से संहार हैं (तान्) उन सबको तू (मत्तः,एव) मेरे द्वारा सुनियोजित नियमानुसार ही होने वाले हैं (इति) ऐसा (विद्धि) जान (तु) परंतु वास्तवमें (तेषु) उनमें (अहम्) मैं और (ते) वे (मयि) मुझमें (न) नहीं हैं। (12)

केवल हिन्दी अनुवाद: और भी जो सत्वगुण विष्णु जी से स्थिति भाव हैं और जो रजोगुण ब्रह्मा जी से उत्पत्ति तथा तमोगुण शिव से संहार हैं उन सबको तू मेरे द्वारा सुनियोजित नियमानुसार ही होने वाले हैं ऐसा जान (तु) परंतु वास्तवमें उनमें मैं और वे मुझमें नहीं हैं। (12)

Sat Bhakti Sandesh